RRB NTPC Recruitment 2019: Notification, Mains Result (Part 1)

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#रेलवे मेडिकल जाँच : नेत्र परीक्षण /Eye test व शरीर परीक्षण   ===================================

सबके मन ये ई सवाल आता होगा की क्या 

- आँख का टेस्ट में आँख में टार्च मारके देखता हैं ?

- की मशीन से चेक करता हैं ?

-की कुछ और करता हैं ? 


तो हम बता देते हैं आँख के टेस्ट में वो सबचीज करता हैं जो की आप ऊपर सोचे हैं और वो सब भी करता हैं जो आप अभी तक नही सोचें हैं .

         जितना तरह का टेस्ट लेगा, हम सब बता रहें हैं लेकिन हो सकता हैं आपका डाक्टर ये सारा टेस्ट कुछ अलग क्रम के अनुसार लें .


#टार्च_टेस्ट :- आँख का डाक्टर आपके आँख में सब तरफ़ से टार्च मारके आँख फाड़ फाड़ के ध्यान से देखेगा और जाँच करेगा .


#कलर_ब्लाइंड_(वर्णअंधता ) टेस्ट :-

इस रोग से ग्रसित व्यक्ति लाल और हरा रंग के बीच ठीक से भेद नही कर पाता हैं. ऐसा उनके साथ प्राय: तब होता हैं जब वो दोनों रंग की वस्तुओं को एक साथ रखा हुआ देखता हैं.

       इसकी जाँच के लिये डाक्टर के पास एक 32 पन्ना का किताब रहता हैं . जिसके हर पन्ना पर   लाल -हरा-पीला आदि बिंदु से बना हुआ बुनिया छाना हुआ रहता हैं और उसी के बीच में कोनो एक रंग के बिंदु से गणित या अँग्रेजी का एक संख्या/अल्फाबेट लिखल रहता हैं .

    डाक्टर, हवाई जहाज के स्पीड से सारा पन्ना सटासट पलटते जाता हैं और 5 सेकंड से कम समय में आपको बताना पड़ता हैं की आखिर लिखा हुआ क्या हैं .

(चित्र में कलर बलाइंडनेस टेस्ट का एक पेज उदाहरण के लिये दिया गया हैं)


#दूर_दृष्टि_दोष की जाँच :- इस रोग से प्रभावित आँखें निकट की वस्तुओं को ठीक से नही देख पाती हैं.


इसकी जाँच, डाक्टर एक अखबार या पुस्तक की सहायता से करता हैं. जिसमें विभिन्न आकार के अँग्रेजी और गणित  अक्षर लिखें हुए रहते हैं .

   पहले तो इसको एक सामान्य दूरी 25 cm से पढने के लिये बोला जाता हैं, लेकिन धीरे-धीरे उसे निकट और निकट लाया जाता हैं, और पढने के लिये बोला जाता हैं.


[  एक आँख ढंककर केवल एक आँख से भी उप्रोक्त जाँच की जाती हैं. ताकि पता चल सकें की कही केवल एक आँख में कोई दोष तो नही हैं  ]


#निकट_दृष्टि_दोष की जाँच :- - इस रोग से प्रभावित आँखें दूर की वस्तुओं को ठीक से नही देख पाती हैं.


स्टैंड टेस्ट:-(1) इसकी जाँच के लिये एक स्टैंड की सहायता ली जाती हैं. एक लकडी का बना स्टैंड डाक्टर से 6 मीटर की दूरी पर पर रखा जाता हैं. प्रत्येक नेत्र रोग विशेषग्य के कमरे में जमीन पर 6 मीटर की दूरी पर एक लकीर खींची रहती हैं .एक स्टैंड के उपर एक बोर्ड या, लाईट को टीकाने की व्यवस्था की गयी होती हैं .

[  6/9 का अर्थ :- इसका अर्थ हैं की आपकी आँखें 6 मीटर की रखी 9 cm की वस्तु को भली भाँति देख पाने में सक्षम हैं या नही.


6/12 का अर्थ :- इसका अर्थ हैं की आपकी आँखें 6 मीटर की रखी 12 cm की वस्तु को भली भाँति देख पाने में सक्षम हैं या नही.] 


अब उस स्टैंड के उपर एक बोर्ड लगाया जाता हैं जिसपर 9 cm के आकार का अँग्रेजी का अक्षर "C" लिखा रहता हैं. ये "C" ऐसा होता हैं जो की लगभग अँग्रेजी का अक्षर "O" की तरह ही होता हैं. केवल इसमे थोडा सा पेट कटा/खुला होता हैं . मतलब 80% बंद ही रहता हैं, केवल 20% खुला होता हैं.

    ये तो केवल व्यवस्था(अरेंजमेन्ट) की बात हुयी. असली सितम तो ढाया जाता हैं . डाक्टर जी, आपको अपने पास बैठाते हैं . और उसका सहायक 6 मीटर दूर जाकर उस "C" को तेजी से घुमाता हैं - Left, Right, UP, Down. और आपसे पूछा जाता हैं की बताओ की अब "C" का पेट किस ओर खुला हुआ हैं .

आपको निर्णय लेने के लिये बहुत कम समय दिया जाता हैं . स्थिति जल्दी जल्दी बदल दी जाती हैं.

(चित्र में "C" देखें )

स्टैंड टेस्ट :-(2)  ये टेस्ट भी उपर की तरह मिलता जुलता हैं लेकिन इसमे स्टैंड के उपर एक गोलाकार थालीनुमा लगायी जाती हैं जिसके उपर तरह तरह के विभिन्न रंग के छोटे और बडे बल्व लगे रहते हैं .

जाँच के समय पूरे कमरे में अंधेरा कर दिया जाता हैं और बारी-बारी से बल्व को जलाया जाता हैं . और 6 मीटर की दूरी से आपको वो रंग पहचानने को बोला जाता हैं . बडे बल्व को पहचानना आसान होता हैं लेकिन छोटे बल्व अत्यन्त सुक्ष्म (सुई की नोक के बराबर या, आसमान के सबसे छोटे धुंधले तारे ) की भाँति प्रतीत होते हैं . अत: इनको पहचानना कठिन होता हैं . ये तो समझ आता हैं की कोई लाईट जल रही हैं लेकिन वो नीला हैं या हरा पहचानना कठिन हो जाता हैं.

[ नोट :- ये मानकर चलें की एक दिन आपका विवाह धूम धाम से होगा और लोग सर पर लाईट ले के चलेंगे . ऐसा तब होगा जब आप इस "लाईट स्टैंड टेस्ट" में सफल होकर रेलवे कर्मचारी बन जायेन्गे ]


#मशीन_के_द्वारा_आँख_की_जाँच :- 

इस टेस्ट से पूर्व आपके आँख में कोई ड्राप डाल दी जाती हैं. तेज जलन होती हैं और आप छटपटाने लगते हैं . आधे घंटे तक इंतजार करने के लिये बोला जाता हैं . 

आप इस समय खाली फ़ुर्सत में होते हैं और मन ही मन डाक्टर को दुनिया की हर गंदी गाली और अपशब्द बोलते हैं ."अबे ससुर के नाती,ई क्या मिरचाई कूट के डाल दिया बे".

  खैर समय बीतता हैं और आपको ठीक से दिखायी देना  बँद हो  जाता हैं. सारी दुनिया धुंधली दिखायी देने लगती हैं .

वास्तव में होता ये हैं की डाक्टर जब ड्राप डालता हैं आपकी आँखों की पुतली बहुत फैल जाती हैं ताकि वो जाँच कर सके .

उसके बाद आपको बुलाया जाता हैं और एक मशीन पर आपका सर टीकाया जाता हैं . दूसरी ओर से डाक्टर आँख के अंदर देखता हैं . डाक्टर आपसे दबाव डाल के पूछता हैं की आपने तो लेसर /लेसिक करवाया हैं और आप साफ़ इंकार करते हैं . लेकिन डाक्टर ऐसा हर अभ्यार्थी के साथ करता हैं . अधिक शंका होने पर आपको पवेलियन भेज सकता हैं . भारत में जहाँ कही "नेत्र परीक्षण" के समय गलत तरीके से रूपये उगाहे जाते हैं उसमे ये एक प्रमुख हैं.

बस,नेत्र जाँच की प्रक्रिया यही संपूर्ण होती हैं 

[ नेत्र रोगी मित्रों से निवेदन : -   मित्रों,

मैं ये देखता हूँ की बहुत से अभयार्थी जिनकी आँखें दोषपूर्ण हैं, किसी भी विधि रेलवे की नौकरी में घुस जाने को तत्पर हैं.मैं उनसे कुछ पूछना चाहता हूँ .

- क्या किसी लँगडे को दौड़ में भाग लेना चाहिये ?

- क्या किसी विकलान्ग को भारी बोझ उठाना चाहिये ? 

- किसी पागल को रिजनिंग बनाना चाहिये ?

नही ना! क्योंकि इससे उसका रोग और तेजी से बढता जायेगा .

  ठीक इसी प्रकार, रेलवे में स्टेशन मास्टर और गार्ड का कार्य ऐसा होता हैं जिसमे नाईट ड्यूटी होती हैं. तनाव होता हैं SM को रंग बिरंगी लाईट और सिग्नल के बीच कार्य करना होता हैं . अच्छी से अच्छी आँखें यहाँ कार्य करके दोषपूर्ण हो जाती हैं. ऐसे में कोई थोडा नेत्र दोष वाला व्यक्ति आया तो उसका दोष बहुत तेजी से बढता जायेगा. और उस दिन आपको अपने निर्णय पर पश्चाताप होगा .

दूसरी बात SM/GG/LP की नौकरी अनेक यात्रीयों की जीवन की सुरक्षा से जुडी हुयी हैं. ट्रेन सिग्नल देखकर चलती हैं . सिग्नल SM देता हैं. जिसे LP और GG अनुसरण करता हैं. शांटिन्ग के समय तो सिग्नल के आधार पर सारा कार्य GG ही करवाता हैं. ऐसे में आपके दोषपूर्ण आँखों के कारण, आपके रेलवे में रूपया कमाने की इक्क्षा के कारण किसी की मृत्यु होती हैं तो इससे घटिया बात क्या होगी. नेत्रदोष वाले मित्र, रेलवे के सेफ्टी कैटगरी की नौकरी में आने की इक्क्षा का त्याग देशऔर समाज के हित में करें ]


#संपूर्ण शरीर का परीक्षण:- 

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एक डाक्टर के द्वारा पूरे शरीर का सावधानीपूर्वक जाँच किया जाता हैं और किसी बड़ी समस्या ग्यात होने पर मेडिकली अनफिट किया जाता हैं .


> अस्थि विकलाँगता :-  अगर शरीर के हड्डी में कोई बड़ा दोष नही होना चाहिये.


> अँगुली :- आपके शरीर में कुल 20 अँगुली होनी चाहिये. 21 हो तो भी चलेगा, 19 अँगुली वाले SM/GG/TA नही बन सकते. 


> बाल :- रामदेव जी जैसे लंबे हो या, अनुपम खेर जैसे गँजे, इससे कोई अंतर नही पड़ता.


> दाँत :- दाँत से संबंधित रोगों के लिये आपको अनफिट नही किया जायेगा.


> कान :- कान की बड़ी बीमारी को स्वीकार नही किया जायेगा. कुछ रेलवे डिविजन में कान का टेस्ट लिया जाता हैं . आँख पर पट्टी बाँध कर कुछ दूरी पर बेल बजाया जाता हैं और आवाज के श्रोत की दिशा बतानी होती हैं .


> त्वचा :- कोई संक्रामक त्वचा रोग नही होना चाहिये.


> वजन या, लम्बाई :- इस संबंध में कोई तय नियम नही हैं . इस आधार पर आपको अनफिट नही किया जायेगा .


> मलद्वार :- हलाँकि वो आपका ये अंग जाँच नही करेगा. लेकिन पूछा जाता हैं की आपको या आपके पूर्वजों को बाबासीर जैसी बीमारी तो नही थी.


> लिंग/पेनिस :- इसके रंग /आकार से डाक्टर को कोई मतलब नही हैं .


> वृषण/अँडूरा/testis की जाँच  :- इसकी जाँच ध्यानपूर्वक की जाती हैं .

- डाक्टर आपको आपका पैंट +U.B खोलने के लिये अथवा नीचे करने के लिये कहेगा

- अब वो आपको बैठने के लिये कहता हैं (जैसे देशी टायलेट में बैठते हैं )

- अब वो आपको जोर जोर से खाँसने के लिये कहेगा.आप खाँसेंगे - ऊँहूं -- ऊँहूं

- इस समय वो बगल से जाकर नीचे झुककर आपके अँडूरे को झुककर देखता हैं . कि वो हिल रहा हैं या नही.

- अगर वो नही हिला तो वो उसे पकड़ के चेक करेगा .

- अगर अँडूरे का आकार सामान्य से बड़ा हुआ तो आपको तभी मेडिकली अनफिट किया जायेगा. 2 महीने का समय दिया जायेगा -आपरेशन करवा के आने k लिये.फ़िर रीमेडिकल लिया जायेगा.

- किसी भी वयक्ति का दोनो अँदऊरा बराबर आकार का नही होता. लेकिन अत्याधिक वृहत आकार का होना रोग की श्रेणी में आता हैं.


ये एक सत्य हैं की मेडिकल जाँच के अन्तर्गत हर अभ्यार्थी को पुरी तरह नग्न करके यौन अँगो की जाँच की जाती हैं .


[ नोट :- गीता में लिखा हैं की आत्मा एक शरीर को त्याग कर ही दूसरे शरीर को धारण करती हैं .

उसी प्रकार एक अभ्यार्थी अपने वस्त्रों को त्याग कर ही रेलवे का युनीफार्म धारण करता हैं ]


 [  मेरे द्वारा लिखित मेडिकल टेस्ट भाग :-1,  नेत्र जाँच, शरीर परीक्षण को जोड़ कर कामन नोट्स बना दिया जायेगा ]

Is there anyone going to Guwahati from Delhi for DV?

rrb allahabad me total 2956 candidates ko call karna tha but they called 3059 candidates. What does it mean?

saari calculation karne k baad 68 vacancies ka chakkar pd rha h so my strong intution is that vacancies have increased what u say guys . baaki kisi bopard me aisa hua h kya?


anybody who scored lower than ASM cutoff and being called for document verification?

What is the in hand salary of ASM ? While training and after training. please can anyone tell me ????

Friends jinka marks more than 80 hai rrb mumbai se wo share kre 

Kbhi is group mai dBa kr bheed thi har second post ate the and abbi 5 hour piurana post is last post here ... yeh dekhkr awakward laga ki har kadam kamyaabi ki or jate hue ham apne dosto ko chod diye.... Missing all

 Is there anybody here, who have attended rrb dv earlier? Please share there experiance in the following manner?1.What is essential for dv & candidature verification?2. are they called for any document which they have not mentioned in dv call letter?3. Why they disqualify / withheld a candidate? 

Will medical held in their respective divisions or all at one place ?

Koi h bhai Jiska DV ho Gaya h.. Apna anubhaw share kr do mujhe please.. Kya Kya hota h.. Bahot help melegi bhai please... Please

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RRB Bangalore me ek special note he

 Special Note: In addition to complying with the above requirements, Candidates are advised to upload color scanned copies of the documents in RRB Document Verification Portal www.rrbdv.in duly following the instructions mentioned therein. This portal will be active for uploading from 10hrs on 14-08-17 

Iska mtlb kya he

all regions will need to upload

What is training period of CA???

sc certificate purana wale ke sath naya wala dv ke time lana jaruri hai kya?

 new format sign karwane ke time sath me kya kya chahiye?


Bhai affidavite hindi me banana hai ya   english me..... plz help

There are two corrections in my documents...dono ke liye ek hi affidavite banana hai kya alag alag banva lu

does ASM and CA have the same pay scale...anybody knows....?

hello guys, dv k liye jo list aae hai documents ki usme 1st CBT and 2nd CBT k admit card ka upper portion manga hai...is it compulsory?? Sirf apptitude k admit card ka upper portion nahi chalega kya

Sc st women also need the income 

Hi, as u know only Thiruvananthapuram and Secunderabad reased individual cutoff for their vacancies..other board not released...but in Thiruvananthapuram and sec also cutoff was very low...other boards cutoff also unpredictable ...they are calling for low marks..is anybody got their logic behind reduc cutoff for CA , TA ???