i think better to tweet sushma swaraj instead of PM or javadekar about delay of SSC JE 2015 results.
- NO
- YES
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i think better to tweet sushma swaraj instead of PM or javadekar about delay of SSC JE 2015 results.
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abhi kucch din pehle kisine link post ki thi about marks obtained in SSC P1 2016 after the answer sheet were declared by SSC.
Kya Aisa link Document verification wale candidates k liye hai ? jis se pata chale ki kaun DV select hua aur kaun reject.
link containing the roll number, categaory & selected or rejected.
Bhaiyo agar by chance 11 ko paper 2 hota h to posting 2017 m hone ke kitne chance bante
#3failedyears trending on Twitter please accelet our issue
does anyone applied for CRPF overseer?
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वाह! रे राज्यों के नीती निर्देशक तत्त्व-----
वाह! रे लोकतंत्र......
Send this video to president of India... in large quantity..
Bhool jao SSC je nai job ki taiyari karo ye jyada badiya rahegaa
Anyone tell me best book for ssc je mains ...... Plz
I tweet about our problem and this guy Sunil Yagnik , conventing me that BJP should given at least 20 years to solve our problem , and continuously comparing BJP and INC, and when he defeated in argument ran away by saying you are congresi , ( need suggestions how to deal with such kind of people )
आज देश के पास manpower ज्यादा है। टेक्नोलॉजी ज्यादा है। लोगों के पास शिक्षा ज्यादा है। सपने और हौसला भी ज्यादा है; तो हमें बहुत तेजी के साथ विकास करने चाहिए। भूतकाल से तुलना करना , एकतरह से अपने पायी हुई बुद्धि, विवेक और शक्ति को खोने जैसा तथा भविष्य को गर्त में डुबोने जैसा कार्य है। उस समय हम जैसे वैज्ञानिक सोच वाले युवा नहीं थे। इसी का लाभ अंग्रेजों, विदेशियों और पूर्व के शासकों ने उठाया। वर्तमान सरकार भी यदि ऐसे ही मूर्ख बनाकर सत्ता में रहना चाहती है ,तो अब सम्भव नहीं। युवा सत्ता को अपनी सोच और ताकत दिखाएंगे।
friends I am making group in which we are going to discuss GATE+IES question
along with doubt clarification
Those intrested are welcomed...
we may know present percent for Document verification of SSC JE 2015 through i think.
#CHSL2015 PROTEST Guyzz!! Core team bahut kosis kar rahi hai hamare results ke liye. They are fighting for our results. Ab time aa gaya hai hum bhi support karein core team ko. Aap sab jante hai that matter ab DoPT ke pass hai aur wahi decide karegi kya karna hai aage. Core team ne letter taiyaar kiya hai DOPT ke liye. Ap sabse request hai iss letter ko jayada se jayada numbers mein fax karein aur email karein DoPT ko.. please everyone, humble request please do it. Jitna jayada hum send karnge utna jayada pressure create hoga. Please bhai log.. @Titoo2 @ajay91@yogibear420 @amarjeetgoyal99@Aashish06 @Durga86 @ankitsinha484@venu100 @vidyadher0506@KANOUJIA.VISHAL @udai.1426 @goiri 1@siddhi.nath @Mukkylohamrod and all of you.. email address [email protected] Letter ke liye comment box mein comment karein..please
://www.sarkaritel.com/ministries/ministrydetail.php?min_id=38#Department-of-Personnel-and-Training
पन्ना एक बेरोज़गार की डायरी का "अरे रिजल्ट आया है आज बैंक पी.ओ. का। क्या रहा तुम्हारा संदीप?" इतनी कड़ी नज़र तो खुद मैंने नहीं रखी थी रिजल्ट पर जितना मेरे पड़ोस की आंटी ने मेरे रिजल्ट पर रखी हुई थी। मन तो करता है बोल दूँ- "बुढ़िया जब तुझे ये पता है रिजल्ट आ गया है तो ये भी तू ही बता दे कि मेरा नहीं हुआ है सलेक्शन।" "नहीं हुआ आंटी।" मैंने बनावटी शिष्टाचार दिखाते हुए कहा। मेरी इज़्ज़त मिट्टी में मिल रही थी।।पर इज़्ज़त थी ही क्या जो मिलेगी मिट्टी में। कुटिल मुस्कान बिखेरती हुई आंटी "अच्छा" बोल कर चली गयी। उसे न्यूज़ मिल चुकी थी पूरे मोहल्ले में पब्लिश करने के लिए कि राजेन्द्र के लड़के संदीप की नौकरी नहीं लगी। ऐसा नहीं है कि हम नालायक हैं पढ़ाई में। कोशिश तो करते हैं पर कई कोशिशों के बाद भी ना बैंक पी.ओ. का पर्चा पास कर पाए ना एस.एस.सी. का। हर बार कुछ नंबर से रह जाते हैं। उम्र भी 26 हो गयी है जनरल हैं ना .. वो अभिशाप अलग से लगा हुआ है हम पर। अब तो हम किसी शादी-समारोह में भी नहीं जाते। जो भी जान पहचान का मिलता है सबसे पहले यही पूछता है- "क्या कर रहे हो आजकल?' मन करता है के बोल दें- " अपनी ऐसी-तैसी करवा रहे है साले ..तुझे भी करवानी है क्या।" पर चंद शब्दों में बात समेटकर हम कह देते हैं अभी फलाना एग्जाम दिया है रिज़ल्ट आना बाकी है। जानते हैं सब मज़े लेते हैं हमारी बेरोज़गारी के, चाहे वो हमारे रिश्तेदार हों, पड़ोसी हों या दोस्त ही हों। सबको शान्ति मिलती है हमें बेरोज़गार देख कर। वो चाहते हैं कि हम बेरोज़गार ही रहें। जलते हैं सब। बहुत मन करता है नौकरी लग जाए। हम भी परिवार को कुछ ख़ुशी देना चाहते हैं। पर ऐसा नहीं होता। जब असफल हो कर टूट जाते हैं तब निपट अकेले होते है। चाहते हैं कोई अपना दिलासा दे, एक नयी ऊर्जा दे। पर कोई नहीं आता , कोई साथ नहीं देता। धीरे-धीरे भगवान पर से भी भरोसा उठता जा रहा है। घर में फ्रिज में पानी की बोतलें भर कर रखना, माँ की भाजी- तरकारी लाना, मटर छीलना ये ही काम रह गया है शायद। ऊपर से घरवालों के ताने। कोई भी डांट देता है। जो मन में आए जैसे मर्ज़ी भड़ास निकाल जाता है। "गुप्ता जी के लड़के को देख लो , रामु नाई के लड़के अनिल को देख लो सब लग गए एक तू है पड़ा-पड़ा अनाज ख़राब करता रहता है। ना कुछ काम का ना कट्ट का ।" हम गुस्से से बोखला जाते हैं उनकी बातें सुनकर। "अरे देख लेंगे सबके लड़कों को और देखा हुआ भी है। उनके माँ बाप उनके डंडा दे कर नहीं रखते हैं आपकी तरह।" पर ऐसा ना कह पाते । शिष्टाचारी है, भले ही बेरोज़गार हैं। अपने हैं सब, पर उनकी बातें सीधी दिल पर लगती हैं। बहुत दर्द होता है। रात में रो भी लेते हैं। बाहर वाले तो बाहर वाले ही हैं , पर सोचते हैं काश मेरे परिवार वाले तो मुझको समझें, मेरे मन की हालत जानें। पर कोई नहीं समझता। अगर सीरियस ले जाएं तो सुसाइड कर डालें। पर सुसाइड नही करते। हिम्मत जुटा कर पढाई ही करते हैं। उधर नीरू मिलने के लिए बोलती रहती है। अब उसे क्या पता हमारे पास पैसे नहीं है। कहाँ से चॉकलेट ले कर जाएं और कहाँ से मूवी की टिकट खरीदें। माँ से पैसे मांगे क्या कि गर्लफ्रेंड से मिलने जाना है हज़ार रुपये दे दो। साला बहुत सिरदर्द है। बेरोजगारों को तो गर्लफ्रेंड बनानी ही नहीं चाहिए। आज भी खूब सुनाया है बड़े भैया ने। पर क्या करें, कोशिश तो कर ही रहे हैं। कभी तो कामयाबी मिलेगी ही। फिर कोशिश करेंगे। सो जाते है .