भारतीय टीम ऑस्ट्रेलिया से अपना match हारने के बाद जब अपने ड्रेसिंग रूम मे बैठी थी तो उनके बीच क्या बात हुई और उन्होने कैसे हार का शोक मनाया, आइए जानते हैं.
सहवाग जो अभी तक अपने ना खेलने से नाखुश थे, उन्होने बाकी खिलाड़ियों की चुटकी लेना शुरू किया.
सहवाग: हल्दी वाला दूध मंगवा दूँ किसी के लिए?
गंभीर: मज़ाक मत कर वीरू, हल्दी वाला दूध शारीरिक चोट के लिए होता है, मानसिक बलात्कार के लिए नहीं।
सहवाग: मज़ाक तो मैदान पे हो रहा था आज, अच्छा धोनी सबसे ज़्यादा छक्के किसको पड़े?
धोनी: हमारी टीम मैदान मे एकजुट थी, चार गेंदबाज़ों ने दो दो छक्के खाए और दो ने एक एक, सब मिल बाँट कर दे रहे थे ऑस्ट्रेलिया को।
तिवारी: वीरू पाजी, Did you see my catch?
सहवाग: सही है तिवारी, मेरी जगह पठान ने ले ली, अब मेरे Dialogues तू ले ले! वैसे कमाल कर दिया तूने आज तो, मैदान पे पानी पिलाने के अलावा भी कुछ किया!
तिवारी: क्या पाजी, बेइज़्ज़ती तो नहीं करवाई छक्के खा खा कर!
अश्विन: Ball गीली हो रही थी, नियंत्रण नहीं रख पाया इसलिए छक्के पड़ गये।
सहवाग: बॉल गीली हो रही थी? बाहर से तो लग रहा था कि तेरी पतलून गीली हो रही थी!
धोनी: बस कर वीरू अब और मत ले, अगले Match मे खिला रहे हैं तुझे। बाकी टीम बाद मे Decide करेंगे क्या करना है। लेकिन कोहली तू एक बात बता, तू क्या वाट्सन को उकसा रहा था? वो वैसे कम लेता है जो तूने उसे गुस्सा अलग दिला दिया?
कोहली: आज अर्धशतक या शतक नहीं लगा ना तो आज के कोटे की गालियाँ बच गयी थी, मैने सोचा Fielding करते हुए ही निकाल दूँ, मुझे क्या पता था वो मेरी बातों का बदला गेंदबाज़ों से लेंगे!
धोनी: यार पठान ने इतने गालियाँ खाने वाले काम किए हैं आज, उसे दे लेता बाहर आ कर!
पठान: अकेला मैं थोड़ी पिटा, चावला और भज्जी की भी क्लास लगी और अश्विन ने भी भर पेट मार खाई है।
धोनी: हाँ हाँ, भज्जी क्या हो गया था आज, इतना चुप क्यों है?
भज्जी: यार एक साल के बाद ऐसे मार पड़ी है, थोड़ा सदमा सा लग गया।
धोनी: सदमे से बाहर निकल, अगला Match पाकिस्तान से है। वो जीत गये तो जनता बाकी सब भूल जाएगी। चलो अब सोने चलते हैं और अगर ये Fletcher कुछ पूछे तो सारे कह देना की हम अपनी कमियों का Analysis कर रहे थे।