Kyu padhna hai was my question pindyck rubinfield for micro, mankiw for macro. You can skip the math and diagram part and just read the theory, very simply explained. But it will take a lot of time
I have plans to pursue Higher Studies in this field!
kyun tumhe aur koi kaam nai h kya? .. Ppl used to help the newbies there.. hum sab fixed frnds the... Constructive talks bhi hoti thi vahaan. it was NOT JUST BAKAR!!!!!
Kise Help chaiye A Jaaaye... help nai to atleast Kisse help leni hai ye batane mein to help kar hi sakte hain :P
प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रफेसर लुई पाश्चर को दुनिया रेबीज टीके (कुत्ते के काटने पर उसकी समुचित चिकित्सा के लिए) के आविष्कारक के रूपमें जानती है। काम के प्रति उनकी दीवानगी का यह आलम था कि वह खाना-पीना और सोना तक छोड़ देते थे। प्रो. पाश्चर की युवावस्था की एक घटना है। वह एक विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की बेटी से प्रेम करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। जब लड़की के माता-पिता तक बात गई तो उन्होंने इस विवाह के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी। विवाह का स्थान, दिन व समय तय कर दिया गया। पाश्चर बड़े प्रसन्न थे, लेकिन जिस दिन विवाह समारोह आरंभ हुआ, पाश्चर नहीं पहुंचे। उनके सभी परिजन, मित्र और लड़की के परिवार वाले आश्चर्यचकित थे। किसी मित्र ने उन्हें ढूंढा तो वह प्रयोगशाला में मिले। वह किसी प्रयोग में व्यस्त थे। मित्र बोला- यार, हद हो गई, आज तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारी प्रतीक्षा हो रही है। बंद करो अपना यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा। पाश्चर नेअपनी तल्लीनता में उसकी ओर देखे बिना कहा- जरा रुको। कई वर्षों से मैं जो प्रयोग कर रहा था, उसके परिणाम अब निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए। महान कार्य यूं ही पूरे नहीं हो जाते, उन्हें पूर्ण करने के लिए अपनी हार्दिकइच्छाओं को भी परे करना होता है। पाश्चर की बात सुनकर उनका मित्र उनके समीप खड़ा होकर उनके प्रयोग के समाप्त होने की प्रतीक्षा करने लगा। पाश्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्चके लिए रवाना हुए और फिर उनका विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। बाद में जब मेहमानों को पाश्चर के दोस्त ने सब कुछ बताया तो वे दंग रहगए। सबने काम के प्रति उनकी लगन की प्रशंसा की ! :clap:
@hanushanand Humanities and Ethics? Aisa kya kar diya tha tum logon ne jo ye padhana zaruri samjha gaya.. 😛 Anyway, IIT mein kahin na kahin koi namuna CFA de raha hota hai. Dhundho aur usse CFA level 1 ki book utha lo. Should be fine for beginner level gyan.
@ankita14 Who cares about lost time???I always look ahead.Ab toh mera motto yahi hain'Yeh Limelight ko hum nahi chhodenge......chhodenge dam magar tera saath na chhodenge'.
:sneaky:
sabrinakhan
(Haso Hasao Life Banao/ PG Queen 2013)
11353
@datta123 saahab ATB :)..waise kaunsa exam hai? haan ye lo bhindi n roti // // // // OOOOO...pure exam ki MBA kar k anaaa :P
प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रफेसर लुई पाश्चर को दुनिया रेबीज टीके (कुत्ते के काटने पर उसकी समुचित चिकित्सा के लिए) के आविष्कारक के रूपमें जानती है। काम के प्रति उनकी दीवानगी का यह आलम था कि वह खाना-पीना और सोना तक छोड़ देते थे। प्रो. पाश्चर की युवावस्था की एक घटना है। वह एक विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की बेटी से प्रेम करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। जब लड़की के माता-पिता तक बात गई तो उन्होंने इस विवाह के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी। विवाह का स्थान, दिन व समय तय कर दिया गया। पाश्चर बड़े प्रसन्न थे, लेकिन जिस दिन विवाह समारोह आरंभ हुआ, पाश्चर नहीं पहुंचे। उनके सभी परिजन, मित्र और लड़की के परिवार वाले आश्चर्यचकित थे। किसी मित्र ने उन्हें ढूंढा तो वह प्रयोगशाला में मिले। वह किसी प्रयोग में व्यस्त थे। मित्र बोला- यार, हद हो गई, आज तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारी प्रतीक्षा हो रही है। बंद करो अपना यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा। पाश्चर नेअपनी तल्लीनता में उसकी ओर देखे बिना कहा- जरा रुको। कई वर्षों से मैं जो प्रयोग कर रहा था, उसके परिणाम अब निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए। महान कार्य यूं ही पूरे नहीं हो जाते, उन्हें पूर्ण करने के लिए अपनी हार्दिकइच्छाओं को भी परे करना होता है। पाश्चर की बात सुनकर उनका मित्र उनके समीप खड़ा होकर उनके प्रयोग के समाप्त होने की प्रतीक्षा करने लगा। पाश्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्चके लिए रवाना हुए और फिर उनका विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। बाद में जब मेहमानों को पाश्चर के दोस्त ने सब कुछ बताया तो वे दंग रहगए। सबने काम के प्रति उनकी लगन की प्रशंसा की !
@brixcel --dhyaan aakarshit karne ke liye hindi ?:grin: :mg:
@hanushanand Humanities and Ethics? Aisa kya kar diya tha tum logon ne jo ye padhana zaruri samjha gaya.. Anyway, IIT mein kahin na kahin koi namuna CFA de raha hota hai. Dhundho aur usse CFA level 1 ki book utha lo. Should be fine for beginner level gyan.
Arey haan! CFA ka poochhna tha!! To pursue that, Kya Background knowledge honi chahiye?? And abhi apply kar doon?? keeping CAT in mind.. but Final year me hi kar skte hai.. I read on its site!!
@RoadKill Fair enough!!!Aaj humne bohot zyada mocks de diye(PM9,VA ke 2 sectionals,QA ke 3 sectionals,ek CRT) so thoda break le raha hoon.Mind poora saturate ho gaya tha.When I couldn't even read a RC properly,I knew that it was time to let go of the books for today.
प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रफेसर लुई पाश्चर को दुनिया रेबीज टीके (कुत्ते के काटने पर उसकी समुचित चिकित्सा के लिए) के आविष्कारक के रूपमें जानती है। काम के प्रति उनकी दीवानगी का यह आलम था कि वह खाना-पीना और सोना तक छोड़ देते थे। प्रो. पाश्चर की युवावस्था की एक घटना है। वह एक विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की बेटी से प्रेम करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। जब लड़की के माता-पिता तक बात गई तो उन्होंने इस विवाह के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी। विवाह का स्थान, दिन व समय तय कर दिया गया। पाश्चर बड़े प्रसन्न थे, लेकिन जिस दिन विवाह समारोह आरंभ हुआ, पाश्चर नहीं पहुंचे। उनके सभी परिजन, मित्र और लड़की के परिवार वाले आश्चर्यचकित थे। किसी मित्र ने उन्हें ढूंढा तो वह प्रयोगशाला में मिले। वह किसी प्रयोग में व्यस्त थे। मित्र बोला- यार, हद हो गई, आज तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारी प्रतीक्षा हो रही है। बंद करो अपना यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा। पाश्चर नेअपनी तल्लीनता में उसकी ओर देखे बिना कहा- जरा रुको। कई वर्षों से मैं जो प्रयोग कर रहा था, उसके परिणाम अब निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए। महान कार्य यूं ही पूरे नहीं हो जाते, उन्हें पूर्ण करने के लिए अपनी हार्दिकइच्छाओं को भी परे करना होता है। पाश्चर की बात सुनकर उनका मित्र उनके समीप खड़ा होकर उनके प्रयोग के समाप्त होने की प्रतीक्षा करने लगा। पाश्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्चके लिए रवाना हुए और फिर उनका विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। बाद में जब मेहमानों को पाश्चर के दोस्त ने सब कुछ बताया तो वे दंग रहगए। सबने काम के प्रति उनकी लगन की प्रशंसा की !
Aap Mahan h Devi,aapki Sadhana (Means Hard Work,devotion) Bhi Same h 😁 😁
Arey haan! CFA ka poochhna tha!! To pursue that, Kya Background knowledge honi chahiye?? And abhi apply kar doon?? keeping CAT in mind.. but Final year me hi kar skte hai.. I read on its site!!
Ill give it in June this year I guess. :/
sabrinakhan
(Haso Hasao Life Banao/ PG Queen 2013)
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प्रसिद्ध वैज्ञानिक प्रफेसर लुई पाश्चर को दुनिया रेबीज टीके (कुत्ते के काटने पर उसकी समुचित चिकित्सा के लिए) के आविष्कारक के रूपमें जानती है। काम के प्रति उनकी दीवानगी का यह आलम था कि वह खाना-पीना और सोना तक छोड़ देते थे। प्रो. पाश्चर की युवावस्था की एक घटना है। वह एक विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर की बेटी से प्रेम करते थे और उससे विवाह करना चाहते थे। जब लड़की के माता-पिता तक बात गई तो उन्होंने इस विवाह के लिए स्वीकृति प्रदान कर दी। विवाह का स्थान, दिन व समय तय कर दिया गया। पाश्चर बड़े प्रसन्न थे, लेकिन जिस दिन विवाह समारोह आरंभ हुआ, पाश्चर नहीं पहुंचे। उनके सभी परिजन, मित्र और लड़की के परिवार वाले आश्चर्यचकित थे। किसी मित्र ने उन्हें ढूंढा तो वह प्रयोगशाला में मिले। वह किसी प्रयोग में व्यस्त थे। मित्र बोला- यार, हद हो गई, आज तुम्हारा विवाह है, चर्च में तुम्हारी प्रतीक्षा हो रही है। बंद करो अपना यह प्रयोग, यह तो बाद में भी हो जाएगा। पाश्चर नेअपनी तल्लीनता में उसकी ओर देखे बिना कहा- जरा रुको। कई वर्षों से मैं जो प्रयोग कर रहा था, उसके परिणाम अब निकल रहे हैं। ऐसा न हो कि मेरी वर्षों की मेहनत बेकार हो जाए। महान कार्य यूं ही पूरे नहीं हो जाते, उन्हें पूर्ण करने के लिए अपनी हार्दिकइच्छाओं को भी परे करना होता है। पाश्चर की बात सुनकर उनका मित्र उनके समीप खड़ा होकर उनके प्रयोग के समाप्त होने की प्रतीक्षा करने लगा। पाश्चर अपना प्रयोग पूरा करने के बाद ही चर्चके लिए रवाना हुए और फिर उनका विवाह धूमधाम से संपन्न हुआ। बाद में जब मेहमानों को पाश्चर के दोस्त ने सब कुछ बताया तो वे दंग रहगए। सबने काम के प्रति उनकी लगन की प्रशंसा की !