भगत सिंह यू तो मेरे दिल में हमेशा जिंदा रहते है .. पर आज एक गुरदास मान साहब का गीत देखा... यकीन माने आखे भर आयी .. आज के समय का ईससे बढिया चित्रण नही हो सकता .. वैसे तो दिल में रहना वाले भगत सिंह को बहोत पहले मार दिया था मेरे प्यारे देशवासियो ने .. पर जो कुछ बचा हुआ अंश है उनका ..आज का समाज देख कर शर्म के मारे सिर झुकाए बैठा है ..
Good things come to people who wait,
But better things come to those who come out and get them....
Good morning Puys n Pearls.....
😊👼😊☺😄😅😃😍😇😇👌💪💪👍👍🌸🌻🌼🌹🌹🌻🌻🌲🌲🌴🍵☕☕🍼🕢😇😇
✍🏻✍🏻 *जिन्हें फ़िक़र थी कल की*
*वे रोए रात भर*
✍🏻✍🏻 *जिन्हें यकीन था रब पर*
*वे सोए रात भर.*
*भलाई करते रहिए बहते पानी की तरह...!!!*
*बुराई खुद ही किनारे लग जाएगी कचरे की तरह...!!!*
न्यूटन ki Girlfriend 💁:
Aaj me kaisi lag rhi hu ?
न्यूटन : Tan C / Sin C
Gf : What 😳😳???
न्यूटन : Tan C
--------------
Sin C
SinC / Cos C
= ---------------------------
SinC
1
= --------------
Cos C
= Sec C 💃💃💃
Gf : Wow !.!.!
😂😝😜😀😉
👍👍
ye pakka new hai
जो मेरा दोस्त भी है, हमनवा भी है ; वो शख्स केवल भला ही नहीं, बुरा भी है। मैं पूजता हूँ जिसे,उससे बेनियाज़* भी हूँ ; मेरी नज़र में वो पत्थर भी है, खुदा भी है। सवाल नींद का होता तो कोई बात न थी; हमारे सामने ख्वाबों का मसला भी है। जवाब दे न सका, और बन गया दुश्मन ; सवाल था की तेरे घर में आईना भी है। ज़रूर वो मेरे बारे में राय दे लेकिन ; ये पूछ लेना कभी मुझसे वो मिला भी है।। - राहत इंदौरी... बे-नियाज़= (here,) not desirous of any favour from the beloved..
ले चला जान मिरी रूठ कर जाना तेरा, ऐसे आने से तो बेहतर था न आना तेरा ; अपने दिल को भी न बताऊँ ठिकाना तेरा, सब ने जाना जो पता एक न जाना तेरा ; तू जो ऐ ज़ुल्फ़ परेशान रहा करती है, किसी के उजड़े हुए दिल में है ठिकाना तेरा ; तू ख़ुदा तो नहीं ऐ नासेह-ए- नादान* मेरा, क्या ख़ता की जो कहा मैंने न माना तेरा ; रंज* क्या वस्ल-ए-अदू* का जो ताल्लुक़ ही नहीं, मुझको वल्लाह हँसाता है रुलाना तेरा । -दाग़ देहलवी .... नासेह-ए-नादान = a naive preacher ... रंज=sorrow... वस्ल-ए-अदू= Union with the enemy.. It's not the whole ghazal... Just a few lines that I like...