Kya sub inspector ki vacancy ayegi? DGP ne 3000 post ke liye bola tha Ji
Pls sir koe to bataye ki jssc si ki vacancy ayegi Kya?
jssc ps latest news guys <a href=”https://ntaexamresults.com/jssc-panchayat-secretary-cut-off-2018/”>JSSC Panchayat Sachiv 2019 CUTOFF </a>
”>Jharkhand Current AFFAIRS 2019 </a>
Jab tak se 6th jpsc postponement ka koi official notice nahi aa jata,u guys keep on preparing......nearby centres dene ki bhi baat hai but morally abhi fir se exam postpone karna badi bhool hogi 😊😊😊
😊
Koi bata sakta hai.... Jssc constable vacancy me.. Obc.. Obc se fight karega ya obc ka zada no. aaye ga to wo general jaisa treat kiya jaye ga...... ???? Anyone
Kisi ko kuch bhi pata nai.....????
Revised final answer key IS(CKHT)CCE
@gaurav-kumar-12 tera ko koi tension hona mere se bolna confession karne ka mereko bolna hum udhar jesus ko puch k tera ko sab batainga night ko 11 to 3 , deen ko nahee
Getting 441 (28th Jan) Panchayat secretary... General.. Any chance ???
in the loving memory of my love , today is her death anniversary ... rest in peace 💐💐
Jharkhand constable Wala exam me Obc ..Obc se competition kare ga....... ya Obc Wala ka agr zada number aaye ga to WO general jaisa treat kiya jaye ga????
Constable ka form Obc se fill krne me prft hai ya general se????
Dainik jagran 07.01.2019 आशीष झा’रांची तीन वर्ष से अधिक हो जाने के बाद भी कर्मचारी चयन आयोग गैर प्रशासनिक सेवा के एक हजार से अधिक पदों के लिए परीक्षा का सफल संचालन नहीं कर सका है। नियुक्तियां तो नहीं ही हुईं, इस दौरान पत्रचार खूब हुए। मुकदमा भी चला और अंत में हाई कोर्ट ने नवंबर-2017 में फिर से विज्ञापन प्रकाशित करते हुए परीक्षा आयोजन का आदेश दिया। इसके बावजूद 14 महीनों में परीक्षा नहीं ली जा सकी है। विभिन्न विभागों से इस दौरान नियमित अधियाचनाएं प्राप्त होती रही हैं और कार्मिक विभाग भी झारखंड कर्मचारी चयन आयोग को पत्र लिखता रहा है। सामान्य योग्यता वाले 662 पदों की रिक्तियों से संबंधित अधियाचना दिसंबर-2015 में भेजी गई थी। लगभग डेढ़ वर्ष पूर्व विशिष्ट अथवा तकनीकी योग्यता वाले पदों के लिए मई-2017 में भी अधियाचना भेजी गई थी। 488 पदों के लिए भेजी गई इस अधियाचना के बाद भी कई पद रिक्त हो गए हैं लेकिन परीक्षा नहीं हो रही है। यह स्थिति तब है जब राज्य और केंद्र सरकार नियुक्तियों और रोजगार को प्राथमिकता में शामिल किए हुए है। ऐसा नहीं है किकर्मचारी चयन आयोग ने इस मामले की अनदेखी की लेकिन जनवरी-2017 में हुई परीक्षा में गड़बड़ियों के कारण परिणाम निकलने के बाद आगे की प्रक्रिया स्थगित की गई और फिर परीक्षाफल को रद किया गया। कोर्ट के निर्णय के बाद यह भी तय हुआ था कि पहले परीक्षा दे चुके अभ्यर्थियों से परीक्षा शुल्क नहीं लिया जाएगा और नए अभ्यर्थियों को भी आवेदन की अनुमति होगी। पूर्व में परीक्षा दे चुके छात्र अगर चाहें तो उनके शुल्क को लौटाने की बात भी कही गई थी। हाई कोर्ट ने नवंबर-2017 में ही नए सिरे से विज्ञापन प्रकाशित करते हुए परीक्षा आयोजित करने का आदेश दिया था। लेकिन 14 महीने बीत जाने के बाद भी मामला पत्रचार तक ही लटका हुआ है। विभाग से पत्र कार्मिक को मिलता है और कार्मिक से आयोग को। नौकरी का सिलसिला बंद होता जा रहा है। कार्मिक, प्रशासनिक सुधार तथा राजभाषा विभाग ने अपने अंतिम पत्र में कुल 1150 पदों की रिक्तियों से संबंधित सूचना आयोग को दी थी।
झामुमो नेता ने आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों को सरकारी नौकरियों और शिक्षण संस्थाओं में 10 फीसदी आरक्षण देने के लिए सरकार के फैसले का स्वागत किया. इसके साथ ही हेमंत ने केंद्र सरकार से झारखंड के आदिवासियों के लिए 25% की बजाय 28% और झारखंड के अल्पसंख्यकों के लिए 5% आरक्षण देने की मांग की है. Entire jpsc and jssc is on shut and the opposition is taking benefit of these loopholes !!